जौनपुर: बाहुबली नेता धनंजय सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत, बेलाव डबल मर्डर केस में मिली क्लीन चिट

Jul 3, 2025 - 18:18
Jul 3, 2025 - 18:18
 0
जौनपुर: बाहुबली नेता धनंजय सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत, बेलाव डबल मर्डर केस में मिली क्लीन चिट
फोटो: धनंजय सिंह, जौनपुर

जौनपुर, 3 जुलाई 2025: जौनपुर के बाहुबली और पूर्व सांसद धनंजय सिंह के लिए गुरुवार का दिन बड़ा राहत भरा रहा। बेलाव डबल मर्डर केस में MP/MLA कोर्ट ने उन्हें और तीन अन्य साथियों को बरी कर दिया। 15 साल तक चली इस कानूनी जंग में आखिरकार धनंजय को बाइज्जत बरी होने का मौका मिला। कोर्ट ने साफ कहा कि न सबूत पुख्ता मिले, न गवाहों ने कुछ ठोस बोला, सो सारे आरोपी बेदाग निकले।

बात 2010 की है, जब केराकत के बेलाव घाट बैरियर पर टोल टैक्स और ठेकेदारी की रार में संजय निषाद और नंदलाल निषाद की गोली मारकर हत्या हो गई थी। इस डबल मर्डर में धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह, सुनीत सिंह और पुनीत सिंह का नाम आया था। पुलिस ने पहले तो चार्जशीट ठोंकी, फिर मामला सीबीसीआईडी के हवाले हुआ। लेकिन कोर्ट में गवाह मुकर गए, सबूतों की कमी रही, और जज मो. शारिक सिद्दीकी ने धनंजय समेत सबको बरी कर दिया।

धनंजय के वकील उमेश शुक्ला ने बताया, "20-28 गवाह आए, लेकिन कोई भी अपनी बात पर टिका नहीं। साक्ष्य भी ढूंढे नहीं मिले। कोर्ट को मजबूरन बरी करना पड़ा।" धनंजय ने कोर्ट से बाहर निकलते ही कहा, "ये सियासी चाल थी। मैं उस वक्त बसपा का सांसद था, इसलिए मुझे फंसाया गया। लेकिन सच की जीत हुई।"

धनंजय का जौनपुर में दबदबा किसी से छिपा नहीं। 1998 में फर्जी एनकाउंटर की अफवाह से लेकर 2009 में बसपा के टिकट पर सांसद बनने तक, उनका सफर चर्चा में रहा। 2020 में नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण और रंगदारी केस में सात साल की सजा हुई, लेकिन हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। अब बेलाव केस में राहत ने उनकी सियासी पकड़ को और हवा दे दी है। उनकी पत्नी श्रीकला रेड्डी जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, और इस फैसले से जौनपुर की सियासत में खलबली मचनी तय है।

कुल मिलाकर, धनंजय सिंह ने एक बार फिर कानूनी लड़ाई जीत ली। अब देखना ये है कि इस फैसले का जौनपुर की गलियों और सियासत पर क्या रंग चढ़ता है!

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow