भदोही: श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन ध्रुव और विदुर चरित्र ने श्रोताओं को किया भावविभोर
प्रेम से बुलाने पर दीनानाथ दौड़े चले आते हैं: मारुतिनंदन जी महाराज
Daily News Mirror
Bhadohi| 02 April 2025| Jitendra Pandey
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के कटरा क्षेत्र में स्थित तुलसीकला गांव में चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह अपने तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक रस की बौछार लेकर आया। 31 मार्च से शुरू हुए इस सप्ताह भर चलने वाले आयोजन में विंध्य क्षेत्र से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक मारुति नंदन जी महाराज ने ध्रुव और विदुर चरित्र के प्रसंगों को सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कथा के दौरान मारुति नंदन जी महाराज ने भक्ति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, "यदि ध्रुव मात्र पांच साल की उम्र में सच्चे मन से भगवान की भक्ति कर उन्हें प्राप्त कर सकता है, तो यह सिद्ध होता है कि प्रेम और निष्ठा से की गई भक्ति में भगवान स्वयं अपने भक्तों से मिलने चले आते हैं।" उन्होंने विदुर और भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। "दुर्योधन के महल में छप्पन भोग का त्याग कर भगवान विदुर के घर पहुंचे और विदुर-विदुरानी के प्रेम से दिए गए भोजन में केले के छिलके तक बड़े चाव से खा लिए।"
कथावाचक ने सृष्टि वर्णन के प्रसंग को भी विस्तार से प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के इस आयोजन में मुख्य यजमान जगदीश पांडेय, डॉ. शारदा पांडेय और अनारकली पांडेय के साथ-साथ भागवत टीकाकार पंडित राजधर पांडेय और संगीतज्ञ रितेश पांडे भी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में भक्तों ने कथा स्थल पर पहुंचकर इस आध्यात्मिक अनुष्ठान का रसपान किया।
यह कथा सप्ताह नवरात्र के पावन अवसर पर भक्ति और ज्ञान का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा और आनंद का स्रोत बन रहा है। आयोजन के आने वाले दिनों में भी इसी तरह के प्रभावशाली प्रसंगों के साथ भक्तों को भगवद्भक्ति में डुबोने की उम्मीद है।
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