प्रयागराज के करछना में हिंसक तांडव: 75 हिरासत में, 550 अज्ञात पर FIR, पुलिस की कड़ी कार्रवाई

Jul 1, 2025 - 12:13
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प्रयागराज के करछना में हिंसक तांडव: 75 हिरासत में, 550 अज्ञात पर FIR, पुलिस की कड़ी कार्रवाई
फोटो: पुलिस की गाड़ी को नुकसान पहुंचाते भीम आर्मी के समर्थक

प्रयागराज, 1 जुलाई 2025: प्रयागराज के करछना में रविवार (30 जून 2025) को भड़की हिंसा ने इलाके को दहला दिया। आजाद समाज पार्टी (ASP) और भीम आर्मी के समर्थकों के हंगामे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 75 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही, 54 नामजद और 550 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह बवाल सांसद चंद्रशेखर आजाद को करछना के इसौटा गांव में पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के विरोध में शुरू हुआ, जो जल्द ही हिंसक रूप ले लिया।

कैसे शुरू हुआ विवाद? 

करछना तहसील के इसौटा गांव में 13 अप्रैल 2025 को देवीशंकर की आग से झुलसकर मौत हो गई थी। परिवार का आरोप है कि यह हत्या थी, न कि दुर्घटना। इस मामले में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए नगीना के सांसद और ASP प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रविवार को प्रयागराज पहुंचे। वे कौशांबी में एक नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में भी पीड़ितों से मिलने जा रहे थे। मगर पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देकर उन्हें सर्किट हाउस में रोक दिया और गांव जाने की इजाजत नहीं दी। इस रोक के बाद चंद्रशेखर के समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। भड़ेवरा बाजार और आसपास के इलाकों में भीड़ ने तांडव मचाया। पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को अशांत कर दिया। पुलिस की गाड़ियों, निजी वाहनों और बसों को निशाना बनाया गया। डायल 112 की गाड़ी सहित 12 वाहन क्षतिग्रस्त हुए, एक पुलिस वाहन पलट दिया गया। कई दुकानों को लूटा गया और इस हिंसा में पुलिसकर्मियों, महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग घायल हुए।

पुलिस का एक्शन: कोई नहीं बचेगा! 

पुलिस उपायुक्त (यमुना नगर) विवेक चंद्र यादव ने बताया कि उपद्रवियों की शिनाख्त के लिए सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और फोटो खंगाले जा रहे हैं। अब तक 75 लोग हिरासत में हैं, जिनमें 8 नाबालिग हैं, जिन्हें बाल संरक्षण कानून के तहत रखा गया है। पुलिस ने 42 लावारिस मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं, जिनके जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। FIR में BNS की 18 से अधिक धाराएं लगाई गई हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

चंद्रशेखर का जवाब और सियासी तपिश 

चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना को साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "सभी उपद्रवियों को मेरी पार्टी का कार्यकर्ता कहना गलत है। मेरे लोग सर्किट हाउस में शांतिपूर्ण धरने पर थे।" उन्होंने पुलिस से जांच की मांग की और चेतावनी दी कि अगर ऐसी घटनाएं दोहराई गईं, तो लखनऊ में विधानसभा का घेराव होगा।

अब क्या है हालात? 

फिलहाल करछना में तनाव कम हुआ है। पुलिस, पीएसी और RAF की भारी तैनाती के साथ फ्लैग मार्च जारी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून तोड़ने की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। इस बीच, यह मामला सियासी रंग ले रहा है। विभिन्न संगठन बड़े प्रदर्शनों की योजना बना रहे हैं, जिससे प्रशासन की चुनौतियां बढ़ गई हैं।

आगे क्या? 

करछना की यह घटना न केवल स्थानीय, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस की कार्रवाई और सियासी बयानबाजी के बीच इलाके में शांति बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। इस मामले पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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