अहमदाबाद विमान दुर्घटना: 241 यात्रियों की मौत, एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति की चमत्कारी कहानी, हादसे की जांच शुरू
अहमदाबाद, 13 जून 2025: गुरुवार, 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद शहर के मेघनी नगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विमान में सवार 242 यात्रियों और चालक दल के 241 लोगों की मौत हो गई, जबकि एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति, भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश, गंभीर रूप से घायल हैं। यह भारत के हाल के दशकों में सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक है।
दुर्घटना का विवरण
एयर इंडिया के अनुसार, फ्लाइट AI-171 ने दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ किया और मात्र 59 सेकंड बाद मेघनी नगर में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल मेस में जा गिरी। विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। टेकऑफ के तुरंत बाद पायलट ने मेडे कॉल जारी किया, जो गंभीर आपात स्थिति का संकेत है, लेकिन इसके बाद हवाई यातायात नियंत्रण से संपर्क टूट गया।
दुर्घटना स्थल पर भारी तबाही देखी गई। विमान के भारी ईंधन लोड के कारण आग की लपटें और धुआं आसमान में छा गया। हादसे में विमान के अलावा जमीन पर मौजूद कई लोगों की भी जान गई, जिनमें मेडिकल कॉलेज के पांच छात्र शामिल हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में अब तक 265 शव लाए गए हैं, जिनमें विमान के यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों के शव शामिल हैं। शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं।
एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति की कहानी
40 वर्षीय विश्वास कुमार रमेश, जो सीट 11A पर आपातकालीन निकास के पास बैठे थे, इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए। रमेश ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही तेज आवाज सुनाई दी और विमान हवा में "अटक" गया। इसके बाद विमान तेजी से जमीन की ओर गिरा। रमेश कई चोटों के साथ मलबे से बाहर निकले और स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाया। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, जहां उनकी स्थिति "गंभीर लेकिन स्थिर" बताई जा रही है।
रमेश के छोटे भाई नयन रमेश ने बताया कि विश्वास ने दुर्घटना के तुरंत बाद परिवार से फोन पर बात की और कहा, "मुझे नहीं पता कि मैं कैसे जिंदा हूं।" दुखद रूप से, विश्वास के भाई अजय, जो विमान में दूसरी पंक्ति में बैठे थे, इस हादसे में मारे गए।
प्रधानमंत्री और नेताओं का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह दुर्घटना स्थल का दौरा किया और सिविल अस्पताल में विश्वास रमेश से मुलाकात की। उन्होंने हादसे को "बेहद हृदय विदारक" करार देते हुए ट्वीट किया, "अहमदाबाद की त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी किया है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं।" पीएम ने अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी अहमदाबाद पहुंचे। शाह ने कहा कि गुजरात आपदा प्रबंधन कर्मियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी, और डीएनए विश्लेषण के बाद आधिकारिक मृत्यु संख्या की घोषणा की जाएगी।
जांच और प्रतिक्रियाएं
भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। एक ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरा ब्लैक बॉक्स और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) मलबे से निकाला गया है। ये उपकरण दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में महत्वपूर्ण होंगे। गुजरात एटीएस ने भी मलबे से DVR बरामद किया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
बोइंग के सीईओ केली ऑर्टबर्ग ने कहा कि कंपनी AAIB की जांच में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से बात की और एक तकनीकी टीम को भारत भेजने की पेशकश की। अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और ब्रिटेन का एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच भी जांच में सहायता के लिए टीमें भेज रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का सुरक्षा रिकॉर्ड अब तक मजबूत रहा है, और यह इस मॉडल की पहली घातक दुर्घटना है। हालांकि, अभी तक दुर्घटना का सटीक कारण अज्ञात है।
मुआवजा और सहायता
टाटा समूह, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने प्रत्येक पीड़ित के परिजनों को 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। इसके अलावा, मॉन्ट्रियल कन्वेंशन संधि के तहत एयर इंडिया को प्रति यात्री लगभग 1.5 करोड़ रुपये का मुआवजा देना होगा। एयर इंडिया ने गैटविक, मुंबई, नई दिल्ली, और अहमदाबाद हवाई अड्डों पर सहायता केंद्र स्थापित किए हैं, जो पीड़ितों के परिजनों की मदद कर रहे हैं। हेल्पलाइन नंबर 1800 5691 444 और +91 8062779200 जारी किए गए हैं।
प्रभाव और शोक
इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी, जो अपनी पत्नी और बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे, सहित कई प्रमुख लोग मारे गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, और अन्य नेताओं ने रूपानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। गोवा सरकार ने 13 जून को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए।
हादसे ने अहमदाबाद और पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद मेघनी नगर में मलबे और शव बिखरे पड़े थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "हमने तेज आवाज सुनी और बाहर निकले तो गाढ़ा धुआं और शव दिखाई दिए।"
आगे की राह
अहमदाबाद हवाई अड्डे ने सीमित उड़ानों के साथ संचालन फिर से शुरू कर दिया है। भारतीय रेलवे ने फंसे यात्रियों की मदद के लिए वंदे भारत ट्रेनें तैनात की हैं। यह हादसा भारतीय उड्डयन इतिहास में सबसे महंगा दावा बन सकता है, जिसमें 211 से 280 मिलियन डॉलर (लगभग 2400 करोड़ रुपये) की देनदारी हो सकती है।
जांच दल अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस दुर्घटना का कारण तकनीकी खराबी, पायलट त्रुटि, या कोई अन्य कारक था। विश्वास कुमार रमेश की जीवटता और इस त्रासदी ने पूरे विश्व का ध्यान खींचा है, और प्रभावित परिवारों के लिए सहानुभूति की लहर दौड़ रही है।
स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, द हिंदू, रॉयटर्स, एनडीटीवी, न्यूयॉर्क टाइम्स, और अन्य समाचार एजेंसियां।
What's Your Reaction?