सीएम नीतीश कुमार ने IAS अधिकारी के सिर पर रख दिया गमला..., फिर क्या हुआ?

May 26, 2025 - 21:02
May 26, 2025 - 21:23
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सीएम नीतीश कुमार ने IAS अधिकारी के सिर पर रख दिया गमला..., फिर क्या हुआ?
फोटो: कार्यक्रम स्थल से

डेली न्यूज मिरर 

पटना (26 मई 2025): बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर अपने अजीबो-गरीब व्यवहार को लेकर सुर्खियों में हैं। ताजा मामला राजधानी पटना के ललित नारायण मिश्रा इंस्टीट्यूट का है, जहां एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) एस. सिद्धार्थ के सिर पर पौधे का गमला रख दिया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस अनोखी हरकत के बाद सीएम विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं।

दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को ललित नारायण मिश्रा संस्थान में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव ने उन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ के हाथ से पौधा लिया और हंसते हुए उनके सिर पर रख दिया। स्थिति को समझते हुए अधिकारी मुस्कुराते हुए गमले को सिर पर लिए मंच से हटे और पास खड़े कर्मचारी को वह पौधा सौंप दिया। इस घटना को मंच पर मौजूद अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी देखकर हँस पड़े, और खुद मुख्यमंत्री भी मुस्कुराते हुए नजर आए।

हालांकि यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने इस वीडियो को साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “दिमाग पर हो चुका विक्षिप्तपन का हमला। चाचा रख दे रहे हैं अपने अधिकारी के माथे पर गमला।”

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के आधिकारिक X अकाउंट से वीडियो साझा करते हुए लिखा गया, “बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति! सरकारी कार्यक्रम में एक IAS अधिकारी मुख्यमंत्री का स्वागत कर रहे हैं, तो सीएम सभी प्रोटोकॉल और मर्यादा को ताक पर रखकर अधिकारी के सिर पर ही गमला रख दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की यह दयनीय स्थिति प्रदेश को रसातल में लेकर जा रही है।”

नीतीश कुमार का यह व्यवहार जहां कुछ लोगों को मजाकिया लगा, वहीं बड़ी संख्या में लोग इसे एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का अपमान और सरकारी गरिमा के खिलाफ मान रहे हैं। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस मामले में कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है या नहीं। फिलहाल यह घटना राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।।

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