ऑपरेशन सिंदूर: मसूद अजहर के परिवार के 14 लोग ढेर, आतंकी सरगना फूट-फूटकर कर रोया
रोते हुए बोला आतंकी- 'काश हमले में मैं भी मर गया होता'
नई दिल्ली, 7 मई 2025: भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर किए गए सटीक और साहसिक हमलों, जिन्हें 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया, ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना मसूद अजहर को करारा झटका दिया है। इस ऑपरेशन में मसूद अजहर के परिवार के 14 सदस्यों और चार करीबी सहयोगियों के मारे जाने की खबर ने न केवल आतंकी खेमे में हड़कंप मचा दिया, बल्कि मसूद अजहर को भी फूट-फूटकर रोने पर मजबूर कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ भारत की हुंकार
भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई की तड़के 1:44 बजे 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर 24 सटीक मिसाइल हमले किए। ये हमले 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थे, जिसमें 26 नागरिकों की जान चली गई थी। भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के मुख्यालय और प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया।
इन हमलों में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र 'मरकज सुब्हान अल्लाह' पूरी तरह तबाह हो गया। यह ठिकाना मसूद अजहर के गृहनगर में था और आतंकी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था। भारतीय सेना के इस ऑपरेशन को "सटीक, मापा हुआ और गैर-उत्तेजक" करार देते हुए रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया।
मसूद अजहर के परिवार पर कहर
जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में उनके परिवार के 10 सदस्य और चार सहयोगी मारे गए। मारे गए लोगों में उनकी बड़ी बहन, बहनोई, भांजा, भांजी, भांजे की पत्नी और पांच बच्चे शामिल हैं। कुछ रिपोर्ट्स में मसूद के भाई के मारे जाने की भी बात कही गई है। मसूद ने एक बयान में कहा, "न तो मुझे पछतावा है और ਨ तो निराशा," लेकिन सूत्रों के अनुसार, वह अपने परिवार की इस क्षति से पूरी तरह टूट चुका है और फूट-फूटकर रो रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए विनाश के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जो भारतीय सेना की सटीकता और ताकत का प्रमाण दे रहे हैं।
भारत की रणनीति और वैश्विक प्रतिक्रिया
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत ने स्पष्ट किया कि यह हमला आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए था, न कि पाकिस्तान के साथ युद्ध छेड़ने के लिए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने कहा, "भारत तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन आतंक के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जरूरी थी।" डोवल ने अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, यूएई और जापान जैसे देशों के अपने समकक्षों के साथ बातचीत कर स्थिति को स्पष्ट किया।
पाकिस्तान ने इन हमलों को "अवैध" करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलाबारी शुरू की, जिसमें 9 नागरिकों के मारे जाने और 38 के घायल होने की खबर है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि वे तनाव को "समेटने" के लिए तैयार हैं, बशर्ते भारत भी पीछे हटे।
देश में एकजुटता, नेताओं और हस्तियों का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को "हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण" करार दिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पुलिस प्रमुखों के साथ बैठक की।
कंगना रनौत, अनुपम खेर, सचिन तेंदुलकर और रजनीकांत जैसी हस्तियों ने भारतीय सेना की इस कार्रवाई की सराहना की। कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस।"
पहलगाम हमले के पीड़ितों को न्याय
पहलगाम हमले में जान गंवाने वालों के परिजनों ने ऑपरेशन सिंदूर को भावनात्मक राहत देने वाला बताया, हालांकि उन्होंने कहा कि यह उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। एक पीड़ित की पत्नी ने कहा, "मैं चाहती हूं कि मेरे पति के हत्यारे चार आतंकियों को भी मार गिराया जाए।"
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