गुरुग्राम मेट्रो विस्तार: 28.5 किमी का नया कॉरिडोर लाएगा कनेक्टिविटी में क्रांति

शुरुआत में तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेनें चलेंगी, बाद में जरूरत के हिसाब से बढ़ाई जाएंगी

May 5, 2025 - 18:33
May 5, 2025 - 18:37
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गुरुग्राम मेट्रो विस्तार: 28.5 किमी का नया कॉरिडोर लाएगा कनेक्टिविटी में क्रांति
फोटो: गुरुग्राम मेट्रो लाइन

गुरुग्राम (05 मई 2025): हरियाणा की आर्थिक नब्ज और भारत की साइबर सिटी के रूप में पहचाने जाने वाले गुरुग्राम में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार एक नई विकास गाथा लिखने को तैयार है। 28.5 किलोमीटर लंबा यह नया मेट्रो कॉरिडोर, जिसकी अनुमानित लागत ₹5,452.72 करोड़ है, मिलेनियम सिटी सेंटर से शुरू होकर पुराने गुरुग्राम, औद्योगिक क्षेत्रों और साइबर सिटी तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। 1 मई 2025 से शुरू होने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को चार साल में पूरा करने का लक्ष्य है, जो शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।

परियोजना का स्वरूप और विशेषताएं

इस मेट्रो कॉरिडोर में 27 एलिवेटेड स्टेशन होंगे, जो गुरुग्राम के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ेंगे। रूट की शुरुआत मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से होगी और यह सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9, सेक्टर-7, सेक्टर-4, सेक्टर-5, अशोक विहार, सेक्टर-3, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, उद्योग विहार फेज-4, उद्योग विहार फेज-5 और साइबर हब तक जाएगा।

इसके अलावा, भविष्य में इस कॉरिडोर को दिल्ली के द्वारका मेट्रो स्टेशन और सेक्टर-37डी में प्रस्तावित ग्लोबल सिटी तक विस्तारित करने की योजना है। यह कॉरिडोर रिंगमेन सिस्टम की तरह काम करेगा, जो गुरुग्राम के नए और पुराने हिस्सों को एकीकृत करेगा। मेट्रो की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और यह संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण सिग्नलिंग सिस्टम पर संचालित होगी। शुरुआत में तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेनें चलेंगी, जिन्हें बाद में यात्री मांग के आधार पर छह कोच तक बढ़ाया जाएगा।

ट्रैफिक और पर्यावरण पर प्रभाव

गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या है, खासकर पुराने गुरुग्राम के इलाकों जैसे हीरो होंडा चौक और रेलवे स्टेशन के आसपास। इस मेट्रो कॉरिडोर के शुरू होने से प्रतिदिन लगभग 5 लाख यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा। यह परियोजना न केवल समय और ईंधन की बचत करेगी, बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने में भी योगदान देगी।

हालांकि, निर्माण के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने एक विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। जहां बैरिकेडिंग होगी, वहां 3-4 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, और जाम की स्थिति में तत्काल ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 1,660 पेड़ों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए वन विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां ली जा रही हैं।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

यह मेट्रो परियोजना गुरुग्राम के आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों जैसे उद्योग विहार, सेक्टर-37, और बसई को सीधे मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से लाखों कर्मचारियों और उद्यमियों को लाभ होगा। रियल एस्टेट सेक्टर में भी इस परियोजना से उछाल की उम्मीद है, क्योंकि मेट्रो स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन और सामुदायिक केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है।

इसके अलावा, पांच इंटरचेंज स्टेशन यात्रियों को विभिन्न मेट्रो रूट्स के बीच आसानी से यात्रा करने की सुविधा देंगे। कुछ स्टेशनों के पास कम्युनिटी हब बनाए जाएंगे, जहां खरीदारी, मनोरंजन और सामुदायिक गतिविधियों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह परियोजना रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि निर्माण और संचालन के दौरान हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।

सरकारी समर्थन और प्रगति

इस परियोजना को केंद्र और हरियाणा सरकार के संयुक्त वित्तपोषण से पूरा किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार ₹896.19 करोड़ और हरियाणा सरकार ₹4,556.53 करोड़ का योगदान दे रही है। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) और गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) इस परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को रेवाड़ी में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। हाल ही में, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को तेजी से और सुचारू रूप से पूरा किया जाए ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।

हालांकि, कुछ देरी की खबरें भी सामने आई हैं। पहले चरण (मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9) के लिए टेंडर खोलने की तारीख 1 मई से बढ़ाकर 15 मई 2025 कर दी गई है। फिर भी, GMRL ने दावा किया है कि मई 2025 के अंत तक निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर दिखाई देगा।

भविष्य की योजनाएं

इस कॉरिडोर के अलावा, गुरुग्राम में अन्य मेट्रो विस्तार परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। सेक्टर-56 से पचगांव तक 36 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन, जिसकी लागत ₹8,519 करोड़ है, को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, भोंडसी से रेलवे स्टेशन और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-5 तक नए रूट की योजना पर काम चल रहा है।

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