भिड़ पड़े हैं योगी सरकार के दो मंत्री, ओपी राजभर ने अनिल राजभर को कहा कि अगर मां का दूध पिया है तो..., अनिल ने भी दिया जवाब

Feb 3, 2026 - 20:58
Feb 3, 2026 - 20:59
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भिड़ पड़े हैं योगी सरकार के दो मंत्री, ओपी राजभर ने अनिल राजभर को कहा कि अगर मां का दूध पिया है तो..., अनिल ने भी दिया जवाब
ओपी राजभर और अनिल राजभर में जुबानी जंग तेज

Daily News Mirror| Uttar Pradesh News 

वाराणसी/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में दरार साफ नजर आ रही है। कैबिनेट के दो दिग्गज मंत्री - सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और भाजपा के अनिल राजभर - एक-दूसरे पर हमलावर हो चुके हैं। मामला राजभर समुदाय के वोट बैंक पर कब्जे का है, जो पूर्वांचल की सियासत में निर्णायक भूमिका निभाता है। 23 जनवरी 2026 को वाराणसी के सुहेलदेव पार्क में महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती समारोह के दौरान अनिल राजभर ने OP राजभर के समर्थकों को 'चोर और गुंडे' करार दिया, जिसके बाद OP राजभर ने तीखा पलटवार करते हुए कहा, "अगर मां का दूध पिया है और मर्द है तो बताओ कि वोट किस दुकान पर बिकते हैं?" यह बयानबाजी अब सियासी तूफान बन चुकी है, जो योगी सरकार की एकता पर सवाल खड़े कर रही है।

क्या हुआ घटनास्थल पर?

वाराणसी के सारनाथ इलाके में आयोजित कार्यक्रम में अनिल राजभर मुख्य अतिथि थे। जब OP राजभर के समर्थकों ने नारे लगाए, तो अनिल राजभर भड़क उठे। मंच से उन्होंने OP राजभर पर निशाना साधते हुए उनके कार्यकर्ताओं को 'चोर' कहा और कहा कि वे कार्यक्रम में बाधा डाल रहे हैं। इससे दोनों पक्षों के समर्थकों में टकराव हो गया। OP राजभर ने 25 जनवरी को प्रतिक्रिया देते हुए अनिल राजभर पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, "ऐसे बयान निराधार हैं। कोई मुझे दिखाए कि वोट कहां बिकते हैं। जो लोग उंगली उठा रहे हैं, वे खुद लोहा चोरी करते थे जब मैं महाराजा सुहेलदेव के लिए आवाज उठाता था।" OP राजभर ने अनिल को चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो साबित करें।

अनिल राजभर ने भी चुप नहीं बैठे। उन्होंने जवाब में कहा, "राजनीति में मां को घसीटना शोभा नहीं देता। आप सभी व्यापारियों को चोर कहेंगे? आप सिंधोरा में ऑटो चलाते थे।"  अनिल ने OP राजभर के पुराने पेशे का जिक्र कर तंज कसा, जिससे विवाद और गहरा गया। OP राजभर के समर्थकों ने अनिल के खिलाफ FIR की धमकी दी है, जबकि अनिल के पक्ष ने इसे सियासी ड्रामा करार दिया।

राजभर वोट बैंक की जंग: पृष्ठभूमि में क्या है?

राजभर समुदाय पूर्वांचल में करीब 20 विधानसभा सीटों पर प्रभाव रखता है। OP राजभर SBSP के मुखिया हैं, जिन्होंने 2017 में BJP से गठबंधन कर 4 सीटें जीतीं और योगी सरकार में मंत्री बने। लेकिन OBC कोटे में उप-वर्गीकरण की मांग पर विवाद के बाद 2019 में अलग हो गए। 2022 में SP से गठबंधन किया, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव से पहले फिर NDA में लौट आए और मार्च 2024 में कैबिनेट मंत्री बने।

वहीं, अनिल राजभर BJP के पुराने नेता हैं, जो राजभर वोटों को मजबूत करने के लिए योगी सरकार में मंत्री बनाए गए। BJP ने OP राजभर के अलग होने के बाद अनिल को आगे किया, बलिया और बहराइच जैसे राजभर बहुल जिलों की जिम्मेदारी सौंपी। अब OP की वापसी से अनिल असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद पोर्टफोलियो और प्रभाव की लड़ाई है - OP को पंचायती राज और अल्पसंख्यक विभाग मिला, जबकि अनिल श्रम एवं सेवायोजन मंत्री हैं।

योगी सरकार पर क्या असर पड़ सकता है?

यह जंग NDA में दरार का संकेत है। OP राजभर पहले भी योगी पर हमलावर रहे हैं, लेकिन अब कैबिनेट में होने से मामला गंभीर है। सूत्रों के मुताबिक, BJP हाईकमान ने दोनों को शांत रहने की सलाह दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से बात बढ़ गई। पंचायत चुनाव नजदीक हैं, और OP राजभर ने कहा कि चुनाव समय पर होंगे, लेकिन अनिल के बयानों पर चुप्पी साधी।

 अगर यह विवाद बढ़ा तो राजभर वोट बंट सकता है, जो BJP के लिए नुकसानदेह होगा। विपक्षी SP और कांग्रेस इसे भुनाने की कोशिश में हैं।यह घटना दर्शाती है कि योगी कैबिनेट में सत्ता की खींचतान कितनी गहरी है। क्या BJP इसे दबा पाएगी या यह बड़ा संकट बनेगा? आने वाले दिन बताएंगे।

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