पहली बार BJP बनी मुंबई की किंग: BMC चुनाव में ठाकरे ब्रदर्स का गेम ओवर, जानिए कैसे हुआ खेल

शिवसेना को उत्तर भारतीयों व मुस्लिमों के खिलाफ पुराने रुख का दांव पड़ा उल्टा

Jan 17, 2026 - 11:07
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पहली बार BJP बनी मुंबई की किंग: BMC चुनाव में ठाकरे ब्रदर्स का गेम ओवर, जानिए कैसे हुआ खेल
BMC चुनावों में बीजेपी की प्रचंड जीत से गदगद हुए पीएम मोदी

Daily News Mirror| BMC Election 

मुंबई, 17 जनवरी 2026: मुंबई की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है। ब्रिहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के साथ मिलकर बहुमत हासिल कर लिया है। ठाकरे भाइयों—उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे—का दशकों पुराना किला ढह गया है। देश की सबसे अमीर नगर निकाय BMC पर अब saffron गठबंधन का कब्जा हो गया है, जो कई राज्यों के बजट से भी बड़ा है। यह जीत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए बड़ा माइलस्टोन साबित हुई है, जिन्हें 'मन ऑफ द मोमेंट' कहा जा रहा है।

बैकग्राउंड: ठाकरों का दबदबा और राजनीतिक उथल-पुथल

BMC चुनाव 2017 के बाद से लंबित थे, लेकिन 2022 में शिवसेना के विभाजन ने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया। 2017 में अविभाजित शिवसेना ने 84 सीटें जीती थीं, जबकि BJP को 82 सीटें मिली थीं। तब उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली सेना ने मेयर की कुर्सी संभाली थी। लेकिन 2022 में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद सेना दो हिस्सों में बंट गई। शिंदे गुट को पार्टी का नाम और सिंबल मिला, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को संसाधनों और संगठनात्मक कमजोरी का सामना करना पड़ा।

 2026 के चुनावों में ठाकरे भाइयों ने दो दशकों बाद हाथ मिलाया। उद्धव की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने गठबंधन बनाया, जिसमें NCP का भी समर्थन था। उनका फोकस 'मराठी मानुष' पर था—मुंबई को महाराष्ट्र में रखने के लिए शहीदों की याद दिलाना और उत्तर भारतीयों व मुस्लिमों के खिलाफ पुरानी रुख को दोहराना। लेकिन यह रणनीति उल्टी पड़ गई, क्योंकि इससे अन्य समुदायों का वोट अलग हो गया। दूसरी तरफ, BJP-शिंदे सेना गठबंधन (महायुति) ने केंद्र और राज्य की सत्ता का फायदा उठाया, साथ ही संगठनात्मक ताकत से चुनाव लड़ा।

चुनाव परिणाम: saffron लहर में ठाकरों की हार

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटें चाहिए। महायुति ने 118 सीटें जीतीं—BJP को 89 और शिंदे सेना को 29। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 65 सीटें मिलीं, जो 2017 की 84 से काफी कम हैं। राज ठाकरे की MNS को महज 6 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 24 और NCP को 3। कुल मिलाकर ठाकरे गठबंधन 83 सीटों पर सिमट गया। यह जीत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में BJP-गठबंधन की स्वीप का हिस्सा है, जहां उन्होंने 25 पर कब्जा किया। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भी NCP के गठबंधन को हराया।

  मुंबई में BJP ने अपनी 2017 की 82 सीटों से बढ़कर 89 जीतीं, जो शहर के इतिहास में पहली बार है। कम वोटिंग प्रतिशत (करीब 50%) ने लैंडस्लाइड जीत को रोका, लेकिन फिर भी BJP ने ठाकरों के पारंपरिक गढ़ों जैसे सेंट्रल मुंबई और ईस्टर्न सबअर्ब्स में सेंध लगाई।

कैसे हुआ खेल: वजहें और रणनीतियां

BJP की ताकत: देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में BJP ने संसाधनों का इस्तेमाल किया। हाई-प्रोफाइल डिफेक्शन जैसे तेजस्वी घोसालकर का शिवसेना (UBT) से BJP में आना। गठबंधन ने विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और केंद्र की योजनाओं पर फोकस किया।

ठाकरों की कमजोरियां: नेटिविस्ट पॉलिटिक्स ने मराठी वोटों को कंसोलिडेट किया, लेकिन मुस्लिम और उत्तर भारतीय वोटरों को अलग कर दिया। संगठनात्मक ड्रिफ्ट और देर से शुरू हुई कैंपेन ने गैप बढ़ाया। MNS की पोलराइजिंग इमेज ने मदद की, लेकिन कुल मिलाकर गठबंधन फेल रहा।

अन्य फैक्टर: चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोप, जैसे 'इंक मार्क' रो और अनियमितताएं, लेकिन परिणाम ने महायुति को मजबूत कर दिया।

 X (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स ने ठाकरों की हार को 'गेम ओवर' कहा। एक पोस्ट में BJP की जीत को 'मुंबई रिजेक्ट्स ठाकरे अलायंस' बताया गया। राज ठाकरे को 'रसमलाई' जिब से ट्रोल किया गया, जो उन्होंने BJP नेता अन्नामलाई के खिलाफ इस्तेमाल किया था।

रिएक्शन्स: उत्साह और निराशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के लोगों का शुक्रिया अदा किया, कहा कि NDA का बॉन्ड गहरा हुआ। फडणवीस ने कहा, "जन्म से प्रॉपर्टी मिलती है, विचारों की विरासत नहीं।" उद्धव ठाकरे ने हार स्वीकार की, लेकिन कहा कि मुंबई उनके राजनीतिक महत्व का केंद्र बनी रहेगी। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।

 X पर पोस्ट्स में BJP की जीत को 'सैफ्रन सर्ज' कहा गया, जबकि ठाकरों की हार को 'फोर्ट ठाकरे फॉल्स'। एक यूजर ने लिखा, "BJP+ wins Mumbai for the first time, Mumbai REJECTS Thackeray alliance."

आगे क्या: मुंबई की राजनीति में नया अध्याय

यह जीत BJP को मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे मेट्रो और कोस्टल रोड प्रोजेक्ट्स, पर कंट्रोल देगी। ठाकरों के लिए यह झटका है, लेकिन उद्धव ने बाल ठाकरे की विरासत को बचाए रखने का दावा किया। महाराष्ट्र की राजनीति में अब BJP का दबदबा बढ़ेगा, जबकि ठाकरों को नए सिरे से संगठन बनाना होगा।

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