रामगोपाल यादव का संगीत सोम पर तीखा हमला: 'हैसियत ग्राम प्रधान की भी नहीं, धोखे से बने विधायक'

संगीत सोम ने शाहरुख खान पर दिया था विवादित बयान

Jan 4, 2026 - 13:01
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रामगोपाल यादव का संगीत सोम पर तीखा हमला: 'हैसियत ग्राम प्रधान की भी नहीं, धोखे से बने विधायक'
संगीत सोम ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को IPL में शामिल करने पर शाहरुख खान पर दिया विवादित बयान

Daily News Mirror| Uttar Pradesh News 

इटावा, 04 जनवरी 2026: समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व विधायक संगीत सोम पर जमकर हमला बोला है। शाहरुख खान और आईपीएल विवाद को लेकर संगीत सोम के बयान पर पलटवार करते हुए यादव ने कहा कि संगीत सोम की हैसियत ग्राम प्रधान बनने की भी नहीं है और वे धोखे से एक बार विधायक बन गए थे। यह बयान उत्तर प्रदेश के इटावा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया, जहां यादव ने बीजेपी की राजनीति पर भी सवाल उठाए।

जानें विवाद की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों से जुड़ा है। हाल ही में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर), जो बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की टीम है, ने आईपीएल ऑक्शन में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा। बीजेपी नेता संगीत सोम ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शाहरुख खान को 'गद्दार' करार दिया। सोम ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, ऐसे में एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करना देश के खिलाफ है। उन्होंने बीसीसीआई के मुस्तफिजुर को आईपीएल से हटाने के फैसले का स्वागत किया और शाहरुख खान व केकेआर से माफी की मांग की, साथ ही दावा किया कि सनातनी एकता की वजह से बांग्लादेशी खिलाड़ियों को खेलने नहीं दिया जाएगा।  

 रामगोपाल यादव ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "संगीत सोम ने हमें भी गद्दार बताया था। उनकी हैसियत ग्राम प्रधान बनने की भी नहीं है, एक बार धोखे से विधायक हो गए थे।" यादव ने आगे जोड़ा कि बीजेपी के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वे केवल हिंदू-मुस्लिम जैसे कम्युनल मुद्दों पर राजनीति करती है। विकास, किसानों, मजदूरों, युवाओं और अल्पसंख्यकों के मुद्दों से पार्टी का कोई वास्ता नहीं रह गया है।

खेल और राजनीति पर यादव का नजरिया

यादव ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हो रही घटनाओं को चिंताजनक बताते हुए उनकी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार गलत है और यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए। "खेल को खेल की तरह ही देखा जाना चाहिए, न कि राजनीतिक नजरिए से। जब भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले होते हैं, तब भी हमारे खिलाड़ी खेल भावना का परिचय देते हैं। खेलों में राजनीति घुसाने से खिलाड़ियों का मनोबल गिरता है," यादव ने कहा।  

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। बीजेपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच बहस छिड़ गई है। सपा कार्यकर्ताओं ने यादव के बयान का समर्थन किया है, जबकि बीजेपी समर्थक इसे व्यक्तिगत हमला बता रहे हैं। इससे पहले अप्रैल 2025 में संगीत सोम ने रामगोपाल यादव पर विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने सपा नेताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने की बात कही थी, जो उस समय भी सुर्खियां बनी थी।  

 यह घटना यूपी की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण को दर्शाती है, जहां कम्युनल मुद्दे और सेलिब्रिटी से जुड़े विवाद चुनावी माहौल को गर्माने का काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।

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