मिर्जापुर जिले का नाम बदलकर होगा 'विंध्याचल धाम', योगी सरकार को भेजा जाएगा औपचारिक प्रस्ताव

Nov 29, 2025 - 18:17
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मिर्जापुर जिले का नाम बदलकर होगा 'विंध्याचल धाम', योगी सरकार को भेजा जाएगा औपचारिक प्रस्ताव
मिर्जापुर जिले का नाम होगा विंध्य धाम

Daily News Mirror| Mirzapur News

मिर्जापुर, 29 नवंबर 2025: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले का नाम जल्द ही बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरुवार को आयोजित जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक में जिले का नाम 'विंध्याचल धाम' करने पर पूर्ण सहमति बन गई। इस बदलाव का प्रस्ताव विंध्याचल क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मां विंध्यवासिनी के प्रसिद्ध शक्तिपीठ के सम्मान में रखा गया है, जो जिले की धार्मिक पहचान को मजबूत करेगा।

बैठक की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री व योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने की। उनके समक्ष नगर पालिका अध्यक्ष सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम परिवर्तन का प्रस्ताव रखा। मंत्री नंदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव तत्काल तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा जाए। एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव में जिले के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को प्रमुखता से उजागर किया जाएगा।

यह प्रस्ताव योगी आदित्यनाथ सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों को उनके मूल स्वरूप में लौटाने पर जोर दिया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने फिजाबाद का नाम 'अयोध्या धाम' और इलाहाबाद का नाम 'प्रयागराज' करने जैसे कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। मिर्जापुर में विंध्याचल धाम का नामकरण न केवल स्थानीय निवासियों के बीच उत्साह पैदा कर रहा है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी रणनीतिक कदम माना जा रहा है।विंध्याचल मंदिर, जो गंगा नदी के तट पर स्थित है, हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, और नाम बदलाव से इसकी वैश्विक पहचान मजबूत होगी।

मंत्री नंदी ने बैठक के दौरान कहा, "मिर्जापुर हमेशा से धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। विंध्याचल धाम नाम से जिले की पवित्रता और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई मिलेगी। हम जल्द से जल्द इस प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।" स्थानीय विधायक और सामाजिक संगठनों ने भी इस बदलाव का स्वागत किया है, हालांकि कुछ लोग नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं।

प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए हैं कि प्रस्ताव में जनता की राय, ऐतिहासिक दस्तावेज और आर्थिक प्रभाव का विश्लेषण शामिल किया जाए। यदि सब कुछ ठीक रहा, तो अगले कैबिनेट मीटिंग में इस पर अंतिम फैसला हो सकता है। यह बदलाव न केवल जिले के मानचित्र पर नया अध्याय जोड़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगदान देगा।

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