हरियाणा के ADGP वाई एस पूरन ने गोली मारकर की आत्महत्या, IAS पत्नी सीएम के साथ जापान दौरे पर
Daily News Mirror| Haryana News
चंडीगढ़, 7 अक्टूबर 2025 (विशेष संवाददाता): हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और वर्तमान एडीजीपी (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) वाई एस पूरन ने सोमवार देर रात चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना राज्य पुलिस महकमे में सनसनी फैला रही है, खासकर इसलिए क्योंकि उनकी पत्नी, जो हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान के आधिकारिक दौरे पर हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई सुसाइड नोट या स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
पूरन (उम्र 58 वर्ष), जो हरियाणा पुलिस में 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी थे, हाल ही में एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर तैनात थे। घटना की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा पुलिस की विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पूरन ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को सिर में गोली मारी थी। उन्हें तुरंत चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, पूरन की पत्नी, आईएएस अधिकारी (नाम उपलब्ध नहीं), हरियाणा सरकार के एक महत्वपूर्ण विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाले जापान व्यापारिक दौरे का हिस्सा हैं। यह दौरा 5 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जो हरियाणा-जापान के बीच निवेश और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित है। पत्नी को घटना की खबर मिलते ही जापान से संपर्क किया गया है, और वे जल्द ही भारत लौटने वाली हैं।
पूरन के करीबी सहयोगियों ने बताया कि हाल के दिनों में वे मानसिक रूप से परेशान नजर आ रहे थे। "कार्यभार की अधिकता और पारिवारिक दबाव ने उन्हें तोड़ दिया होगा," एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा। हालांकि, पुलिस ने किसी भी संभावित कारण की पुष्टि नहीं की है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से रिवॉल्वर, खाली कारतूस और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारण की पुष्टि होगी।
हरियाणा के डीजीपी हनुमंत सिंह ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "वाई एस पूरन एक समर्पित अधिकारी थे। उनकी कमी हमेशा खलेगी। विभाग पूरे परिवार के साथ खड़ा है।" मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी संवेदना व्यक्त की है, लेकिन जापान दौरे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
यह घटना हरियाणा पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बहस छेड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च पदों पर तैनात अधिकारियों पर दबाव इतना अधिक होता है कि कई बार वे मदद मांगने से हिचकिचाते हैं। पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत प्रारंभिक केस दर्ज किया है, लेकिन फिलहाल कोई नामजद आरोपी नहीं है।
परिवार में दो बच्चे हैं, जो दिल्ली में पढ़ाई कर रहे हैं। पूरन के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। जांच जारी है, और आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा।
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