आगरा: यमुना नदी में डूबने से 6 बहनों की दर्दनाक मौत, रील बनाने के चक्कर में हुआ हादसा

Jun 4, 2025 - 08:49
Jun 4, 2025 - 09:14
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आगरा: यमुना नदी में डूबने से 6 बहनों की दर्दनाक मौत, रील बनाने के चक्कर में हुआ हादसा
फोटो: एक ही परिवार से थी सभी बच्चियां

आगरा, 4 जून 2025: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में मंगलवार, 3 जून 2025 को एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसमें यमुना नदी में नहाने गईं एक ही परिवार की छह बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। यह दुखद घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के नगला नाथू और नगला स्वामी गांव के पास हुई। हादसे ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया है। 

घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, गर्मी से राहत पाने के लिए 9 से 18 साल की उम्र की छह बच्चियां सुबह करीब 10:30 बजे यमुना नदी में नहाने गई थीं। इनमें से चार बच्चियां नगला स्वामी गांव की निवासी थीं, जबकि दो अन्य रामई नगला से अपने रिश्तेदारों से मिलने आई थीं। मृतक बच्चियों में तीन सगी बहनें और एक चचेरी बहन शामिल थीं, जबकि दो अन्य मौसी की बेटियां थीं। बताया जाता है कि बच्चियों ने घरवालों को बिना बताए नदी की ओर रुख किया था।

नहाने से पहले, बच्चियों ने नदी किनारे मोबाइल फोन से रील्स बनाईं, जो बाद में पुलिस को प्राप्त हुईं। नहाते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चली गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण एक-एक कर सभी बच्चियां डूबने लगीं। शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण नदी की ओर दौड़े।

बचाव प्रयास और दुखद परिणाम

ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सिकंदरा थाना पुलिस, गोताखोरों और स्टीमर की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी छह बच्चियों को नदी से बाहर निकाला गया। दुर्भाग्यवश, चार बच्चियों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। दो अन्य को गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां पुलिस के जवानों ने उन्हें सीपीआर दिया। इसके बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन तीन घंटे के इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह ने बताया, "पैर फिसलने के कारण बच्चियां गहरे पानी में चली गईं। पुलिस और गोताखोरों ने तत्काल कार्रवाई की, लेकिन चार की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य को बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन वे भी नहीं बच सकीं।" शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।

परिवार और गांव में शोक की लहर

यह हादसा उस समय हुआ, जब बच्चियों का घर घटनास्थल से महज 800 मीटर दूर था। मृतक बच्चियां एक ही परिवार से ताल्लुक रखती थीं, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल है, और ग्रामीण शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं।

प्रशासन का रुख

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएम ने पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया और प्रशासन को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान की जाए।

जांच और सवाल

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि खराब सड़क की स्थिति के कारण एंबुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचने में देरी हुई, जिसके चलते ग्रामीणों को निजी वाहनों और मोटरसाइकिलों से बच्चियों को अस्पताल ले जाना पड़ा। यह घटना नदी के किनारे सुरक्षा उपायों और जागरूकता की कमी पर भी सवाल उठाती है। 

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