विंध्याचल धाम में पान-गुटखा खाने वालों की अब खैर नहीं, 20 लोगों से ₹7200 जुर्माना वसूला
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित विंध्याचल धाम, जो मां विंध्यवासिनी के पवित्र शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है, में स्वच्छता और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विंध्यवासिनी मंदिर कॉरिडोर क्षेत्र में पान, गुटखा, सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत हाल ही में 20 लोगों से कुल ₹7200 का जुर्माना वसूला गया।
प्रशासन की सख्ती, स्वच्छता पर जोर
मंदिर कॉरिडोर को स्वच्छ, साफ-सुथरा और श्रद्धालुओं के लिए सुखद अनुभव प्रदान करने वाला बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि विंध्याचल धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, और कुछ लोगों द्वारा तंबाकू उत्पादों का सेवन और परिसर में थूकने की आदत से मंदिर की पवित्रता और स्वच्छता पर असर पड़ रहा था। इसे रोकने के लिए न केवल जुर्माना लगाया जा रहा है, बल्कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।
जुर्माने की राशि और नियम
प्रशासन ने तंबाकू उत्पादों का सेवन करने या परिसर में थूकने पर ₹300 से ₹500 तक का जुर्माना तय किया है। हाल के अभियान में 20 लोगों को नियम तोड़ते पकड़ा गया, जिनसे कुल ₹7200 का जुर्माना वसूला गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, और आने वाले दिनों में निगरानी को और सख्त किया जाएगा ताकि मंदिर परिसर की गरिमा बनी रहे।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक स्थल की मर्यादा का सम्मान करें और तंबाकू उत्पादों का उपयोग न करें। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष सफाई दल तैनात किए गए हैं, जो नियमित रूप से क्षेत्र की साफ-सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
विंध्यवासिनी कॉरिडोर का महत्व
विंध्यवासिनी कॉरिडोर, जिसका उद्घाटन जल्द होने वाला है, मंदिर परिसर को और भव्य और सुविधाजनक बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इस कॉरिडोर के तहत गंगा घाट के पास मां की पौड़ी घाट का जीर्णोद्धार भी प्रस्तावित है, और लेजर एंड लाइट शो के साथ बोटिंग की सुविधा भी शुरू की जाएगी। यह परियोजना न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाएगी, बल्कि पर्यटन को भी प्रोत्साहन देगी।
पुलिस सत्यापन अभियान और सुरक्षा
विंध्याचल धाम में बढ़ती भीड़ और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने भी सत्यापन अभियान शुरू किया है। एआई तकनीक का उपयोग करके दुकानदारों और किरायेदारों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जा सके। विंध्याचल के थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि सभी भवन स्वामियों को अपने किरायेदारों का विवरण थाने में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
नवरात्र और महाकुंभ में बढ़ी भीड़
हाल ही में चैत्र नवरात्र और महाकुंभ के दौरान विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। इस दौरान प्रशासन ने फव्वारा फैन जैसी सुविधाएं शुरू कीं ताकि गर्मी में श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। हालांकि, भीड़ के कारण कुछ अव्यवस्थाएं भी सामने आईं, जैसे कि गर्भगृह के द्वितीय निकास द्वार से अनधिकृत प्रवेश, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू की।
आगे की योजना
प्रशासन का कहना है कि विंध्याचल धाम को स्वच्छ, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने वाला बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मंदिर परिसर में सीसीटीवी निगरानी को और बढ़ाया जाएगा, और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे मंदिर की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें ताकि विंध्याचल धाम अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को और गौरव प्रदान कर सके।
What's Your Reaction?