भदोही: गंगा में डूब रहे बच्चों को बचाने में गई 18 वर्षीय किशोर की जान, मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था ननिहाल
भदोही, 25 मई 2025: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के कोइरौना इलाके में स्थित कलिक मवैया गांव के गंगा घाट पर रविवार को एक दुखद घटना सामने आई है। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने ननिहाल आए 18 वर्षीय सूरज मिश्रा की गंगा नदी में स्नान के दौरान डूबने से मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सूरज मिश्रा जो 11वीं कक्षा का छात्र था, अपने पिता राजेश मिश्रा के साथ नगरदह गांव से अपने नाना स्वर्गीय ओंकारनाथ तिवारी के घर कोइरौना इलाके में एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था। रविवार सुबह सूरज अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ कलिक मवैया गांव के गंगा घाट पर स्नान करने गया था। स्नान के दौरान कुछ बच्चे गहराई में जाने के कारण डूबने लगे जिन्हें बचाने के लिए सूरज ने गहरे पानी में छलांग लगा दी और तेज बहाव के कारण डूब गया।
फोटो: मृतक सूरज की फाइल फोटो
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सूरज के साथ मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गंगा नदी का तेज बहाव और गहराई उनकी कोशिशों को नाकाम कर गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और गोताखोर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद सूरज के शव को नदी से बाहर निकाला गया। सूचना पर पहुंची कोइरौना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
परिवार में शोक की लहर, पुलिस जांच में जुटी
सूरज की अचानक मौत से उसके परिवार और गांव में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूरज अपने परिवार का होनहार बेटा था और पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी रुचि रखता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि सूरज का व्यवहार बहुत ही मिलनसार था, जिसके कारण पूरे गांव में इस घटना को लेकर शोक व्याप्त है।
कोइरौना थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, घटनास्थल का मुआयना किया गया और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
गंगा में डूबने की बढ़ती घटनाएं
गौरतलब है कि गंगा नदी में स्नान के दौरान डूबने की घटनाएं उत्तर प्रदेश और बिहार में बार-बार सामने आ रही हैं। हाल के महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां स्नान या धार्मिक आयोजनों के दौरान लोग गहरे पानी में डूब गए। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा के घाटों पर गहराई का अंदाजा न होना और तेज बहाव इस तरह की घटनाओं का प्रमुख कारण है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गंगा स्नान के दौरान सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें। सूरज मिश्रा की मौत ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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