नई दिल्ली, 24 मई 2025: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में अपनी आधिकारिक दस्तक दे दी है। यह सामान्य तिथि 1 जून से लगभग एक सप्ताह पहले हुआ है, जो पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्दी मानसून आगमन में से एक है। इससे पहले 2009 और 2001 में मानसून 23 मई को केरल पहुंचा था।
केरल में मानसून का आगमन
IMD के अनुसार, केरल में मानसून की शुरुआत के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी थीं, जिसके चलते पिछले दो दिनों से राज्य में तेज बारिश देखी जा रही है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने मानसून की प्रगति को तेज किया है। केरल के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां अगले 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में 11-20 सेंटीमीटर बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट और 6-11 सेंटीमीटर बारिश के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और भारी बारिश से तटीय क्षेत्रों में खतरा बढ़ सकता है। कर्नाटक, गोवा, और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, खासकर रायगढ़ और रत्नागिरी जैसे जिलों में।
दिल्ली-NCR में रेड अलर्ट
उत्तर भारत में मौसम ने भी करवट ली है। दिल्ली-NCR में अगले 2-3 घंटों में भारी बारिश, वज्रपात, धूल भरी आंधी, और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है। हवाओं की गति 60-100 किमी/घंटा तक हो सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण हल्की बारिश और तेज हवाएं देखी गईं, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है, और उत्तर-पश्चिम भारत में लू का प्रभाव अभी भी बना रहेगा।
यूपी, पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश की चेतावनी
IMD ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, और राजस्थान के कई जिलों में अगले 2-3 दिनों में तेज तूफान और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मथुरा, आगरा, और राजस्थान के भरतपुर, डीग जैसे क्षेत्रों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब और हरियाणा में भी प्री-मानसून बारिश ने मौसम को सुहाना कर दिया है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से सतर्क रहने की जरूरत है।
यूपी के कुछ हिस्सों में हाल ही में बारिश से नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। मथुरा में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की गाड़ी बारिश के कारण जलभराव में डूब गई, जबकि गोरखपुर में बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई।
मानसून की प्रगति और प्रभाव
IMD के अनुसार, मानसून केरल से शुरू होकर जून के पहले सप्ताह में देश के अन्य हिस्सों में पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, और दिल्ली-NCR में मानसूनी बारिश जून के मध्य तक शुरू होने की संभावना है। यह समय पर बारिश खरीफ फसलों जैसे धान, मक्का, और सोयाबीन की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण है, जो कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
मौसम विभाग ने 2025 के लिए सामान्य से अधिक बारिश (105% तक) का अनुमान लगाया है, जो लगातार दूसरा वर्ष होगा जब मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। अल नीनो का प्रभाव इस बार नगण्य होने की उम्मीद है, जो बारिश की संभावनाओं को और मजबूत करता है।
सावधानियां और सलाह
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केरल और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदियों और झरनों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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दिल्ली-NCR में तेज हवाओं और जलभराव की स्थिति को देखते हुए घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें।
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यूपी, पंजाब, हरियाणा में बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खुले मैदानों में न जाएं और पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
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मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
मानसून की शुरुआत और उत्तर भारत में प्री-मानसून बारिश ने देश के मौसम को एक नया रंग दे दिया है। जहां दक्षिण भारत में भारी बारिश ने जीवन को प्रभावित किया है, वहीं उत्तर भारत में यह गर्मी से राहत लेकर आया है। मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सभी नागरिकों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।