मुरादाबाद में मातृ दिवस पर हृदय विदारक घटना: अकेली रह रही बुजुर्ग मां की मौत, बेटी के कॉल ने खोला राज
मुरादाबाद, 12 मई 2025: मातृ दिवस, एक ऐसा दिन जब दुनिया भर में मां के प्रेम, त्याग और समर्पण को याद किया जाता है, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में इस बार एक दुखद और मन को झकझोर देने वाली घटना के साथ सामने आया। शहर के दिल्ली रोड स्थित पार्श्वनाथ अपार्टमेंट में अकेली रह रही 70 वर्षीय अनीता देवी की मौत की खबर ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या हम अपने बुजुर्गों की देखभाल में कहीं चूक रहे हैं। अनीता देवी की मौत का पता तब चला, जब उनकी बेटी मंजुला ने मातृ दिवस पर मां को शुभकामनाएं देने के लिए फोन किया, लेकिन बार-बार कॉल न उठने पर रिश्तेदारों को उनके फ्लैट पर भेजा गया।
घटना का विवरण
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अनीता देवी पिछले 11 वर्षों से पार्श्वनाथ अपार्टमेंट के एक फ्लैट में अकेली रह रही थीं। 2014 में उनके पति सतपाल सिंह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद वह अपने बच्चों पर निर्भर थीं। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा दीपक चौधरी लंदन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है, दूसरा बेटा संजीव चौधरी दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी करता है, और बेटी मंजुला की शादी नोएडा में हुई है। अनीता देवी अपने दैनिक कार्य स्वयं करती थीं और पड़ोसियों के अनुसार, वह सुबह-शाम टहलने निकलती थीं।
मातृ दिवस (11 मई 2025) के दिन मंजुला ने अपनी मां को शुभकामनाएं देने के लिए सुबह कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित मंजुला ने मुरादाबाद के गुरैठा में रहने वाले अपने मामा के परिवार को सूचित किया। मामा की पुत्रवधू नीतू तुरंत अपार्टमेंट पहुंची, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। नीतू ने अन्य रिश्तेदारों और अपार्टमेंट के निवासियों को सूचना दी। मझोला थाना प्रभारी आरपी शर्मा भी मौके पर पहुंचे। कारपेंटर की मदद से दरवाजा खोला गया, जहां अनीता देवी मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। उनके पास टीवी का रिमोट और मोबाइल फोन पड़ा था, जो यह संकेत देता है कि वह सामान्य रूप से अपने दैनिक कार्य में व्यस्त थीं जब उनकी मृत्यु हुई।
पुलिस और फोरेंसिक जांच
मझोला थाना प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध परिस्थिति नहीं मिली है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की तस्वीरें लीं और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हृदयाघात होने की संभावना जताई गई है, हालांकि अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि अनीता देवी स्वस्थ थीं और नियमित रूप से अपनी दिनचर्या का पालन करती थीं। उनकी मृत्यु को कई दिन पुराना माना जा रहा है, क्योंकि उनके फोन पर आखिरी कॉल कुछ दिन पहले की थी।
परिवार का दुख और सामाजिक सवाल
घटना की सूचना मिलते ही संजीव चौधरी दिल्ली से और मंजुला नोएडा से मुरादाबाद पहुंचे। दीपक चौधरी, जो लंदन में हैं, ने वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी मां को अंतिम विदाई दी। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। मंजुला ने बताया कि वह नियमित रूप से मां से फोन पर बात करती थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मां का फोन व्यस्त या बंद आ रहा था। उन्होंने सोचा कि शायद मां किसी काम में व्यस्त हैं, लेकिन मातृ दिवस पर कॉल न उठने से उनकी चिंता बढ़ गई।
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। अनीता देवी जैसे कई बुजुर्ग अपने बच्चों की सफलता के लिए जीवन भर मेहनत करते हैं, लेकिन उम्र के अंतिम पड़ाव में अकेलेपन का सामना करते हैं। दीपक, संजीव और मंजुला ने अपनी मां को पढ़ा-लिखाकर और आत्मनिर्भर बनाकर उनके सपनों को साकार किया, लेकिन क्या वह उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझ पाए? यह सवाल न केवल उनके परिवार, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए है, जिसके माता-पिता अकेले रह रहे हैं।
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