DGMO का अहम खुलासा: भारत का पाकिस्तान पर सटीक वार, 100 से अधिक आतंकी किए ढेर

May 11, 2025 - 19:13
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DGMO का अहम खुलासा: भारत का पाकिस्तान पर सटीक वार, 100 से अधिक आतंकी किए ढेर
फोटो: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान DGMO राजीव घई

नई दिल्ली, 11 मई 2025: भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने रविवार शाम एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की ओर से हालिया उकसावेपूर्ण कार्रवाइयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर किए गए सटीक हमलों के परिणामों और उद्देश्यों को रेखांकित किया। 

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा, "पहलगाम हमले की क्रूरता और कई अन्य हालिया आतंकी घटनाओं ने हमें एक बार फिर यह स्पष्ट करने के लिए प्रेरित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर अडिग है। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवादियों और उनके योजनाकारों को सजा देना तथा उनकी आतंकी संरचना को नष्ट करना था।"

ऑपरेशन सिंदूर: 100 से अधिक आतंकी ढेर, 9 ठिकानों पर हमला

DGMO ने बताया कि 7 मई की सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने सटीक और सुनियोजित हमले कर पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इन हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें कई हाई-प्रोफाइल आतंकी शामिल थे। इनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ, और मुदासिर अहमद जैसे आतंकी शामिल थे, जो 1999 के IC-814 अपहरण और 2019 के पुलवामा हमले जैसे बड़े आतंकी कृत्यों में शामिल थे। इसके अलावा, जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर स्थित मुख्यालय भी नष्ट किया गया।

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने जोर देकर कहा कि इन हमलों को अत्यंत सावधानी और सटीकता के साथ अंजाम दिया गया ताकि नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा, "हमने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, पाकिस्तान की सैन्य या नागरिक संरचनाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। भारतीय वायुसेना ने इन हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूर्ण प्रोफेशनलिज्म के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल किया।"

पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन

DGMO ने पाकिस्तान की ओर से 10 मई को हुए संघर्षविराम उल्लंघन की भी निंदा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के DGMO के बीच 10 मई को दोपहर 3:35 बजे बातचीत हुई थी, जिसमें पाकिस्तान के DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने संघर्षविराम का प्रस्ताव रखा था। दोनों पक्षों ने शाम 5 बजे से जमीन, समुद्र और हवा में सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति जताई थी। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों और सीमा पर उकसावेपूर्ण कार्रवाइयों के जरिए इस समझौते का उल्लंघन किया।

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा, "पाकिस्तान ने न केवल संघर्षविराम का उल्लंघन किया, बल्कि उसने नागरिक क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जो उसकी कायरतापूर्ण हरकतों को दर्शाता है। भारत ने इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया और भविष्य में भी किसी भी उकसावे का कड़ा जवाब देगा।"

ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं

DGMO ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "भारत की स्थिति स्पष्ट है—जब तक सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं होता, हम अपनी कार्रवाइयों को और मजबूत करेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पश्चिमी सीमाओं पर तैनात सभी कमांडरों को किसी भी उल्लंघन के खिलाफ तत्काल जवाबी कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता दी है।

तस्वीरों के जरिए नुकसान का खुलासा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वायुसेना के एयर मार्शल एके भारती ने 7 मई को नष्ट किए गए आतंकी ठिकानों की तस्वीरें दिखाईं, जिसमें हमलों से पहले और बाद की स्थिति स्पष्ट थी। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इन ठिकानों की सटीक जानकारी जुटाई थी, जिसके आधार पर "पूर्ण आश्चर्य" के साथ हमले किए गए।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख

प्रेस कॉन्फ्रेंस में DGMO ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा, "भारत ने हमेशा शांति की वकालत की है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ हमारी कार्रवाई में कोई समझौता नहीं होगा।" इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संघर्षविराम की घोषणा का श्रेय लेते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच कश्मीर मुद्दे पर बातचीत को बढ़ावा देंगे।

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