नई दिल्ली, 10 मई 2025: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार देर रात से शुरू हुए सैन्य टकराव में पाकिस्तान ने भारत के 26 शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की, जिसमें फतेह-1 बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल थी। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को नाकाम करते हुए त्वरित जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के चार प्रमुख एयरबेसों को निशाना बनाकर भारी तबाही मचाई। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमले नाकाम
पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार शाम से जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई शहरों, जैसे श्रीनगर, पठानकोट, जालंधर, अमृतसर, जैसलमेर और भुज, में ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में तुर्की निर्मित 'सोंगर' ड्रोन, चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम, और फतेह-1 बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। भारतीय सेना के अनुसार, इन हमलों का मकसद सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना था।
भारत की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली, जिसमें S-400, L-70, Zu-23, और स्वदेशी काउंटर-यूएएस ग्रिड शामिल हैं, ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। विशेष रूप से, हरियाणा के सिरसा एयरबेस पर दागी गई फतेह-1 मिसाइल को भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सरसा के ऊपर मिसाइल इंटरसेप्शन की तस्वीरें देखी जा सकती हैं, जो भारत की रक्षा क्षमता का प्रमाण हैं।
भारत की जवाबी कार्रवाई: चार एयरबेस तबाह
पाकिस्तान के उकसावे के जवाब में भारत ने त्वरित और सटीक कार्रवाई की। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के चार प्रमुख एयरबेस—नूर खान (रावलपिंडी), मुरिद (चक्कवाल), रफीकी (शोरकोट), और एक अज्ञात एयरबेस—को निशाना बनाया। इन हमलों में इजरायल निर्मित HAROP कामिकाजी ड्रोन और स्वदेशी LMS (लॉइटरिंग म्युनिशन सिस्टम) ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने पाकिस्तान के HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को बेकार साबित कर दिया।
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) ने दावा किया कि भारत ने जालंधर के आदमपुर एयरबेस से छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसे उन्होंने "गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक" कदम बताया। हालांकि, भारत सरकार ने इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय हमलों ने पाकिस्तान के रावलपिंडी, लाहौर, और सियालकोट में भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें एक एयर डिफेंस रडार पूरी तरह नष्ट हो गया।