हरियाणा: IPS वाई. पूरन कुमार आत्महत्या मामले में सनसनीखेज खुलासा; 9 पन्नों के सुसाइड नोट में 3 IPS अधिकारियों के नाम
Daily News Mirror| Haryana News
चंडीगढ़, 8 अक्टूबर 2025 (विशेष संवाददाता): हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) वाई. पूरन कुमार की मंगलवार को हुई आत्महत्या ने न केवल पुलिस महकमे बल्कि पूरे प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैला दी है। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित उनके सरकारी आवास के बेसमेंट में खुद को गोली मारने वाले पूरन कुमार (2001 बैच, हरियाणा कैडर) का शव उनकी बेटी को गोली की आवाज सुनकर मिला। शुरुआती जांच में आत्महत्या की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन मृत्यु के पीछे छिपे राज अभी पूरी तरह उजागर नहीं हुए हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक नौ पन्नों का सुसाइड नोट और एक वसीयत बरामद की है, जिसमें तीन IPS अधिकारियों (दो पूर्व सहित) के नाम का जिक्र है।
घटना का विवरण: बेसमेंट में साउंडप्रूफ कमरे का राज
मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-11, कोठी नंबर 116 में हड़कंप मच गया। पूरन कुमार ने अपने गार्ड्स को बाहर भेजा और फिर घर के बेसमेंट में बने साउंडप्रूफ कमरे में घुस गए। वहां उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। उनकी बेटी ने गोली की आवाज सुनी और दौड़कर बेसमेंट पहुंची, जहां पिता खून से लथपथ पड़े थे। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। चंडीगढ़ SSP कंवरदीप कौर के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया और अब इसे हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया गया है।चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "घटनास्थल पर कोई संघर्ष के निशान नहीं मिले। सर्विस गन पास ही पड़ी थी, और फिंगरप्रिंट जांच में यह पुष्टि हुई कि गोली स्वयं चलाई गई।" हालांकि, कोई स्पष्ट सुसाइड नोट न होने की शुरुआती रिपोर्टों के बाद अब नौ पन्नों का नोट मिलने से मामला और जटिल हो गया है। इस नोट में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों का जिक्र है, जिसमें हरियाणा के एक आला अधिकारी का नाम प्रमुखता से आ रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नोट में दो पूर्व IPS अधिकारियों सहित तीन नाम हैं, जो पूरन कुमार को 'फंसाने' की साजिश रचने के आरोपी बताए गए हैं।
संभावित कारण: रिश्वत कांड, ट्रांसफर और उत्पीड़न के आरोप
पूरन कुमार की मौत के पीछे कई परतें उजागर हो रही हैं। सबसे बड़ा खुलासा उनके गनमैन सुशील कुमार से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, सुशील पर रोहतक में रिश्वत लेने के एक मामले में FIR दर्ज हुई थी, और उनकी गिरफ्तारी पूरन की आत्महत्या से महज दो दिन पहले हुई। पूरन को इस मामले में पूछताछ का सामना करना पड़ रहा था, जिससे वे गहरे तनाव में थे। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "गनमैन की गिरफ्तारी ने पूरन को मानसिक रूप से तोड़ दिया। वे खुद को निर्दोष मानते थे, लेकिन विभागीय दबाव असहनीय हो गया।"
इसके अलावा, 29 सितंबर को जारी एक सरकारी आदेश ने पूरन को रोहतक रेंज IG के पद से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, सुनारिया (रोहतक) में IG के पद पर भेज दिया। यह ट्रांसफर उनकी मौत से महज आठ दिन पहले हुआ, और उसके बाद वे छुट्टी पर चले गए। सूत्र बताते हैं कि पूरन इस ट्रांसफर से बेहद आहत थे। करीब एक साल पहले उन्होंने हरियाणा के चार IPS बैचों (1991, 1996, 1997 और 2005) के प्रमोशन पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखा था। इसमें पूर्व DGP मनोज यादव पर उत्पीड़न और पक्षपात का आरोप लगाया गया था। यह पत्र विभाग में विवाद का कारण बना, और कई लोग मानते हैं कि यही पुरानी कड़वाहट ने उन्हें तोड़ दिया।
पूरन की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार (2001 बैच, हरियाणा कैडर), इस समय जापान दौरे पर हैं। वे मुख्यमंत्री सैनी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं और बुधवार (8 अक्टूबर) को लौटेंगी। परिवार के एक सदस्य ने बताया, "अमनीत दीदी को खबर मिलते ही वे टूट गईं। पूरन साहब और अमनीत दीदी एक आदर्श दंपति थे। दोनों 2001 बैच के होने से उनका साथ हमेशा मजबूत रहा।" दंपति की दो बेटीयां है, जिसमें से एक घटना के समय घर पर थी।
कौन थे वाई. पूरन कुमार? एक नजर कैरियर पर
शिक्षा: इंजीनियरिंग (BE) और IIM अहमदाबाद से PGDMC।
कैरियर: 2001 बैच के IPS के रूप में रोहतक, करनाल जैसे जिलों में SP रह चुके। बाद में IG रेंज और ADGP तक पहुंचे। राम रहीम जेल सुरक्षा और पुलिस ट्रेनिंग जैसे संवेदनशील विभागों में सेवा दी।
विवाद: प्रमोशन पत्र के अलावा, विभागीय सौहार्द के लिए जाने जाते थे, लेकिन हालिया विवादों ने इमेज प्रभावित की।
जांच का अगला कदम: नोट की फॉरेंसिक जांच और पूछताछचंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन इसे आत्महत्या का केस मानते हुए हरियाणा पुलिस को सौंप दिया गया है। सुसाइड नोट और वसीयत की फॉरेंसिक जांच चल रही है। नोट में उल्लिखित तीन IPS अधिकारियों से पूछताछ की संभावना है। हरियाणा DGP ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, "पूरन एक समर्पित अधिकारी थे। उनकी मौत से विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। जांच निष्पक्ष होगी।"
यह घटना पुलिस सेवा में मानसिक स्वास्थ्य और विभागीय दबाव के मुद्दे को फिर से उजागर कर रही है। क्या यह रिश्वत कांड का बदला था या पुराने विवादों की आग? जवाब आने में अभी वक्त लगेगा, लेकिन पूरन कुमार की मौत ने सवालों का सिलसिला थामने से इनकार कर दिया है।
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